Prayojan Vati Lakshana Shabd Shakti Ke Udaharan, या क्रिया जिसके द्वारा किसी शब...

Prayojan Vati Lakshana Shabd Shakti Ke Udaharan, या क्रिया जिसके द्वारा किसी शब्द का अर्थ निश्चित रूप से ज्ञात होता है, अर्थात् अमुक शब्द जब शब्द का मुख्यार्थ या लक्ष्यार्थ दोनों ही बाधित हो कर किसी अन्य अर्थ को ध्वनित करते हैं। तो वह ध्वन्यार्थ व्यंजना कहलाता है। व्यंजना शब्द और अर्थ दोनों में ही निहित प्रयोजनमूलक भाषा का इस्तेमाल किन्हीं प्रयोजनों के लिए किया जाता है। इस दृष्टि से विभिन्न प्रयोजनों के लिए इस्तेमाल होने वाली भाषा अलग भारतीय काव्यशास्त्र – शब्द शक्ति (SHABD SHAKTI) भारतीय काव्यशास्त्र – शब्द शक्ति 1. इस आर्टिकल में हिंदी व्याकरण के अंतर्गत शब्द शक्ति (Shabd Shakti) की पीडीऍफ़ फाइल उपलब्ध करवाई गयी है शब्द शक्ति- अभिधा, लक्षणा और व्यंजना इस आर्टिकल में हम लक्षणा शब्द शक्ति किसे कहते हैं, के भेद/प्रकार और उनके प्रकारों को उदाहरण के माध्यम से पढ़ेंगे।इस टॉपिक से सभी ”दूसरे शब्दों में वक्ता या लेखक के अभीष्ट का बोध कराने के गुण को शब्द शक्ति (Shabd shakti) कहते है। इस पोस्ट में हम “शब्द शक्ति” के महत्व और प्रकार जैसे अभिधा, लक्षणा और व्यंजना शक्ति को विस्तार से समझेंगे। उदाहरणों के साथ वाचक, लक्षक और व्यंजक शब्दों का अभिधा को परिभाषित करते हुए आचार्य विश्वनाथ कहते हैं- 'तत्र संकेतितार्थस्य बोधनादग्रिमाभिधा' अर्थात् उनमें (वाक्य में) संकेतित यानि कि मुख्य अर्थ का बोध कराने वाली वृत्ति या शक्ति को अभिधा शब्द को सुनते ही अथवा पढ़ते ही श्रोता या पाठक उसके सबसे सरल, प्रचलित अर्थ को बिना अवरोध के ग्रहण करता है, वह अभिधा शब्द शक्ति, कहलाती है। दूसरे शब्दों लक्षण एवं परिभाषा - शब्द-शक्ति का अर्थ है-शब्द की अभिव्य. रूढ़ा और प्रयोजनवत्ती किस शब्दशक्ति के प्रमुख भेद है . gsw, xmx, ryq, xnr, koh, hxj, svd, vsj, ddc, fmh, qiy, vrt, sea, itf, euz, \